अपराध

इस गॉड मेन पर है 400 साधुओं को नपुंसक बनाने, रेप और हत्या के मामले

नईदिल्ली : डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ शुक्रवार को फैसला आने वाला है। यह फैसला एक साध्वी के यौन शोषण मामले को लेकर है। इस मामले की जांच सीबीआई के पास है। शुक्रवार को पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट इस पर फैसला सुनाएगा।

मामले को लेकर गुरमीत राम रहीम के समर्थक पंचकूला में इकट्ठे हो रहे हैं,  राम रहीम के खिलाफ फैसला आने पर कानून-व्यवस्था की समस्या भी खड़ी हो सकती है। राम रहीम के खिलाफ ये अकेला मामला नहीं है, कई विवाद हैं जो राम रहीम से जुड़े रहे हैं।

जिस मामले में शुक्रवार को फैसला होना है, इसको क्षेत्र के एक समाचार पत्र ने छापा था, जिसके बाद ये मामला चर्चा में आया। अखबार के संपादक रामचंद्र ने लगातार डेरा सच्चा सौदा से जुड़ी खबरें छापीं। 24 अक्टूबर 2002 उन पर हमला किया गया और 5 गोलियां मारी गईं, जिसके बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। ये मामला भी सीबीआई के पास है। इसमें डेरामुखी आरोपी है।

फतेहाबाद के रहने वाले और डेरा सच्चा सौदा के साधु हंसराज चौहान ने 2012 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर डेरा प्रमुख पर डेरे के 400 साधुओं को नपुंसक बनाए जाने का सनसनीखेज आरोप लगाया। चौहान ने कोर्ट में 166 साधुओं का नाम भी दिया जिन्हें डेरा के ही डॉक्टरों की टीम ने नपुंसक बनाया। यह मामला भी अदालत में विचाराधीन है।

2007 में डेरा सलावतपुरा (बठिंडा, पंजाब) में डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह ने गुरु गोबिंद सिंह जैसा वेश बना फोटशूट कराया। ये तस्वीरें सामने आते ही सिख भड़क गए और पंजाब में कई जगह गुरमीत के पुतले फूंके गए। मामले में गुरमीत के गैरजमानती वारंट भी जारी हुए। बाद में गुरमीत को अदालत ने इस मामले में बरी कर दिया।

जुलाई 2003 में डेरा सच्चा सौदा का प्रबंधन के सदस्य रंजीत सिंह की हत्या कर दी गई। बताया जाता है कि वो गुरमीत से कई साध्वियों के संबंधों को जानता था। तब से लेकर अब तक यह मामला भी अदालत में विचाराधीन है।

गुरमीत राम रहीम कई फिल्मों में भी काम कर चुका है। फिल्मों के टिकट डेरा सच्चा सौदा के समर्थक फ्री में बांटते हैं। कई फिल्मों में खुद को अवतारी पुरुष दिखाए जाने पर कई संगठनों ने विरोध भी जताया।

ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें

Facebook

Copyright © 2017 Lokbharat.in, Managed by Live Media Network

To Top