इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले के याचिकाकर्ता की सड़क दुर्घटना में मौत

मुंबई। गुजरात में हुए इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले के याचिकाकर्ताओं में से एक गोपीनाथ पिल्लई की गुरुवार को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई।

पिल्लई, प्राणेश पिल्लई उर्फ जावेद शेख के पिता थे, जो 2004 में इशरत जहां और दो अन्य लोगों के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे। अस्पताल से स्वास्थ्य जांच करवाने के बाद लौटते वक्त अलीपुर के राजमार्ग पर उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई।इस दौरान चालक को जहां गंभीर चोटें आईं, जबकि पिल्लई की मौत हो गई।

गुजरात सरकार और पुलिस ने उनके के बेटे को एक आतंकवादी करार दिया था, पिल्लई इसी दावे के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे।

गौरतलब है कि अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने 15 जून, 2004 को शहर के बाहरी इलाके में महाराष्ट्र के मुम्ब्रा की 19 वर्षीय कॉलेज छात्रा इशरत जहां, उसके दोस्त जावेद शेख उर्फ प्रणेश, जीशान जोहर और अमजद राणा को कथित फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया था।

पुलिस का दावा था कि ये सभी एक आतंकवादी संगठन से ताल्लुक रखते थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश कर रहे थे।

इसके बाद हुई गुजरात हाईकोर्ट की एसआईटी जांच और फिर सीबीआई जांच में यह साबित हुआ था कि यह एक फर्जी एनकाउंटर का मामला था और पुलिस का यह दावा कि उन्होंने ‘आत्मरक्षा’ में गोली चलाई थी, झूठ है।

इस एनकाउंटर के लगभग एक दशक बाद जुलाई 2013 में पीपी पांडे सहित गुजरात पुलिस के सात अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। फरवरी 2014 में एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट में 4 आईबी अधिकारियों का नाम भी शामिल किया गया।

मालूम हो कि वंजारा गैर-न्यायिक हत्याओं के आरोपों के चलते 2007 से 2015 तक जेल में थे। गुजरात पुलिस के डीआईजी रहे वंजारा सोहराबुद्दीन शेख और तुलसीराम प्रजापति के कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में भी आरोपी थे, जिससे उन्हें पिछले साल सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।

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