आज़म बोले ‘भेजना ही है तो मुसलमानो को यूरोप, अमेरिका भेजें, लेकिन ये है शर्त’

लखनऊ। शिया वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिज़वी द्वारा राम मंदिर निर्माण का विरोध करने वाले मुसलमानो को पाकिस्तान जाने की सलाह दिए जाने पर समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व केबिनेट मंत्री आज़म खान ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है।

आज़म खान ने अपने चिरपरिचित अंदाज़ में कहा कि यदि देश के बादशाह ऐसा चाहते हैं तो ऐसी जगह क्यों भेजना चाहते हैं जहाँ रोटी नहीं है। उन्होंने कहा कि भेजना है तो यूरोप भेजें। अमेरिका के तानाशाह से भी उनकी अच्छी दोस्ती है लेकिन पूरा माइग्रेशन होना चाहिए। आज़म खान का मतलब था कि यदि भेजना है तो देश के सभी मुसलमानो को भेजें।

गौरतलब है कि इससे पहले भी आज़म खान ने तीन तलाक और हज सब्सिडी को लेकर अपने ही अंदाज में पीएम मोदी पर निशाना साधा था। हज सब्सिडी समाप्त करने के केंद्र सरकार के फैसले पर टिप्पणी करते हुए आज़म खान ने कहा था कि “अच्छा किया कि हज से सब्सिडी वापस ले ली नहीं तो देश का सारा खज़ाना तो हाजी ही खाली कर रहे थे।”

वहीँ तीन तलाक को लेकर आज़म खान ने कहा था कि हिन्दुओं की तुलना में मुसलमानो में तलाक का प्रतिशत बहुत कम है। आज़म ने कहा कि मुसलमानो के पास क़ुरान है उसे किसी कानून की ज़रूरत नहीं है। हमारा कानून कुरान में मौजूद है। उन्होंने कहा कि पैदा होने से लेकर मरने तक कैसे जीना है, ये कुरान में मौजूद है। अच्छे और बुरे हर काम की सज़ा भी कुरान में मौजूद है।

आज़म ने कहा कि कुरान में तलाक का तरीका स्पेसिफाइड है। उन्होंने कहा कि आईपीसी और सीआरपीसी को भी कुरान के हिसाब से बना दें। उन्होंने कहा कि बीजेपी को मुस्लिम महिलाओं से बड़ी हमदर्दी है, वह पुरुषों से भी हमदर्दी करें। आज़म ने कहा कि मुसलमानों पर कुरान की सजाओं को लागू कर दिया जाए।

ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें