आर्थिक पिछडो के लिए दस फीसदी आरक्षण को विपक्ष ने बताया ‘चुनावी जुमला’

नई दिल्ली। मोदी सरकार द्वारा आर्थिक रूप से पिछडो के लिए दस फीसदी आरक्षण दिए जाने संबधी प्रस्ताव का जहाँ आम आदमी पार्टी ने समर्थन किया है वहीँ कांग्रेस ने इसे चुनावी जुमला करार दिया है।

सरकार के आर्थिक रूप से पिछडो को दस फीसदी आरक्षण के प्रस्ताव पर कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि “बहुत देर कर दी मेहरबां आते आते वह भी तब जब चुनाव करीब हैं। इस से फर्क नहीं पड़ता कि वो क्या करते हैं, क्या ‘जुमले’ देते हैं, इस सरकार को बचाने के लिए कुछ नहीं होने वाला है।”

वहीँ नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि गरीब सवर्णों को आरक्षण का ऐलान साबित करता है कि चुनाव का बिगुल अच्छे से बजाया जा चुका है।

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि “10% आरक्षण बढ़ाने के लिये संविधान संशोधन करना होगा सरकार विशेष सत्र बुलाये हम सरकार का साथ देंगे वरना ये फ़ैसला चुनावी जुमला मात्र साबित होगा”।

गौरतलब है कि केंद्र की मोदी सरकार केबिनेट ने आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए शिक्षा और रोज़गार में दस फीसदी आरक्षण लाने के मसौदे को आज मंजूरी दे दी है।

हाल ही में तीन राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में सवर्णो का गुस्सा झेल चुकी भारतीय जनता पार्टी के दस फीसदी सवर्णो के आरक्षण के दांव को आगामी लोकसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

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