आँखे मूँदे बैठे रहे अधिकारी, पति को पीठ पर लादकर दफ्तरों के चक्कर लगाती रही महिला

मथुरा। सिस्टम की खामियां और अधिकारियों, ,कर्मचारियों की नज़रअंदाज़ी के एक बड़ा उदाहरण मथुरा में सामने आया है।

अपने दिव्यांग पति के लिए दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए एक महिला अपने पति को पीठ पर लादकर दफतरो के चक्कर लगाती रही लेकिन अंततः वह दिव्यांगता प्रमाणपत्र हासिल करने में सफल हो गयी।

मथुरा के गीता विहार की रहने वाली महिला अपने पति बंदन सिंह को लेकर विकलांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहुंची थी लेकिन अधिकारीयों ने महिला की लाचारी की परवाह किये बिना उसे एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर के चक्कर लगवाए।

अपने दिव्यांग पति के लिए दिव्यांगता प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए महिला दो वर्ष तक अपने पति को पीठ पर लादकर एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर के चक्कर लगाती रही।

सारा मामला सीएमओ की जानकारी में आने के बावजूद उक्त महिला को उसके दिव्यांग पति को लाने के लिए व्हील चेयर तक मुहैया नहीं कराई गयी। इस मामले अधिकारीयों की नींद तब खुली जब यह खबर मीडिया में आयी।

महिला ने बताया कि कार्यालय में उसकी सुनवाई नहीं हुई। वह सीएमओ दफ्तर भी पहुंची, लेकिन यहां भी उसे टरका दिया गया। विकलांग प्रमाणपत्र नहीं बनाया गया। हालांकि बाद में सीएमओ ने संज्ञान में लिया और प्रमाणपत्र जारी कर दिया।

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