अख़लाक़ हत्याकांड में जांच अधिकारी थे शहीद इंस्पेक्टर

नई दिल्ली। बुलंदशहर के स्याना में उग्र भीड़ द्वारा आगजनी, पथराव और फायरिंग की घटना में अपनी जान गंवाने वाले बहादुर पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को लेकर खुलासा हुआ है कि वे दादरी हत्याकांड में जांच अधिकारी थे।

अख़लाक़ हत्याकांड की जांच पूरी होने से पहले ही इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह का तबादला वाराणसी कर दिया गया था। इसके बाद इंस्पेक्टर सुबोध का तबादला वाराणसी से वृंदावन कर दिया गया था और बाद में उन्हें बुलंदशहर के स्याना में ट्रांसफर किया गया था।

जानकारी के मुताबिक सुबोध कुमार सिंह 28 सितंबर 2015 से लेकर 9 नवंबर 2015 तक अख़लाक़ ह्त्याकांड के जांच अधिकारी रहे। इस मामले में सुबोध कुमार की जगह आये नए जांच अधिकारी ने मार्च 2016 में चार्जशीट फ़ाइल की गयी थी।

बता दें कि दादरी के बिसाहड़ा गाँव में गौमांस के शक में अखलाक की 28 सितंबर 2015 की रात पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 18 लोगों को आरोपी बनाया गया था।

वहीँ अब एक वीडियो सामने आया है जिसमे मृतक पुलिस इंस्पेक्टर की जीप खेत में खड़ी है और उनका शव जीप के गेट से ज़मींन की तरफ लुढ़का हुआ है। इस वीडियो में फायरिंग की आवाज़ साफ़ तौर पर सुनाई दे रही है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लगातार शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की साजिशन हत्या की गयी है। लोकभारत इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता।

फिलहाल स्याना में आज हुई घटना को लेकर नया मोड़ अवश्य आ गया है। अहम सवाल यही है कि आखिर इतनी आसानी से एक पुलिस अधिकारी की हत्या कैसे हुई।

स्याना में आज हुई घटना के बाद भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया है और चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात की गयी है। पुलिस के आलाधिकरियों ने भी मेरठ में डेरा डाला हुआ है और आसपास के इलाको पर भी कड़ी सुरक्षा निगरानी रखी जा रही है।

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