अयोध्या मामले में अब 14 मार्च को होगी अगली सुनवाई

नई दिल्ली। अयोध्या राम जन्म भूमि विवाद पर अब अगली सुनवाई 14 मार्च होगी। इससे पहले दोनो पक्षों ने इस मामले की नियमित सुनवाई पर सहमति जताई। हिन्दू महासभा के वकील विष्णु शंकर जैन ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को बताया कि दोनो पक्ष इस मामले की नियमित सुनवाई को लेकर सहमत है। इस मामले की नियमित सुनवाई को लेकर भी 14 को कोर्ट अपना फैसला देगा।

मुस्लिम पक्ष की तरफ से एजाज़ मकबूल की दलील थी कि उन्हें कई कागज़ात अब तक नहीं मिले हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि मामले से जुड़ी 42 किताबों का अंग्रेजी अनुवाद 2 हफ्ते में जमा करवाया जाए और सभी पक्षों को इन्हें दिया जाए।

चीफ जस्टिस ने कहा- मुख्य पक्षों के अलावा अब तक जिन लोगों ने अर्ज़ी दाखिल की है, उनकी सुनवाई होगी। केस शुरू होने के बाद किसी नई अर्ज़ी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यूपी सरकार की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मामले में कुल 504 सबूत और 87 गवाह हैं।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिन दस्तावेजों का अनुवाद हुआ है अगर उनमें कोई पौराणिक किताबें या उपनिषद हैं तो उनका भी अनुवाद करके उसकी प्रति कोर्ट में जमा कराई जाए।

हालांकि कोर्ट ने साफ कर दिया कि पूरी किताब का अनुवाद नहीं करें लेकिन जिस हिस्से का जिक्र किया गया है सिर्फ उसी हिस्से का अंग्रेजी में अनुवाद कर कोर्ट में दिया जाए। इसके अलावा जो वीडियो कैसेट कोर्ट में दस्तावेज के तौर पर पेश किए गए हैं उसकी भी कॉपी बनवाकर सभी पक्षों को देने की बात कोर्ट ने कही।

इससे पहले चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, अशोक भूषण और अब्दुल नजीर की बेंच ने कहा कि सभी पक्ष इस मामले को भूमि विवाद की तरह ही देखें। इस मामले की पहले पांच दिसंबर सुनवाई हुई थी।

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