अमित शाह की मेहनत बेकार: शिवसेना बोली ‘अब आयी हमारी याद, नहीं जायेंगे बीजेपी के साथ’

मुंबई। शिवसेना को मनाने की बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की कोशिशें नाकाम हो गईं हैं। शिवसेना से साफ़ शब्दों में कहा है कि अब बीजेपी के साथ लौटने का उसका कोई इरादा नहीं है और वह अकेले चुनाव लड़ेगी।

इससे पहले अमित शाह ने 6 अप्रैल को संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि बीजेपी को इस बात की उम्मीद है कि उद्धव ठाकरे की अगुअाई वाली शिवसेना एनडीए में बनी रहेगी। शाह ने कहा था, ‘शिवसेना अभी हमारे साथ सरकार में है। यह हमारी प्रबल इच्छा है कि वह हमारे साथ बनी रहे।’

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बयान पर शिवसेना ने स्पष्टतौर पर कहा कि अब चुनावों में ‘अकेले उतरने’ की उसकी रणनीति में कोई बदलाव नहीं होगा। न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, शिवसेना के वरिष्ठ नेता सुभाष देसाई ने कहा है कि बीजेपी ने अचानक अपना सुर बदल लिया है और अब वह एनडीए में अपने सहयोगियों के बारे में बातचीत कर रही है।

ठाणे में देसाई ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘हमेशा अपने दम पर सत्ता में आने का दावा करने वाली बीजेपी को अब अपने दोस्तों की याद आ रही है। पिछले छह महीने में इसका सुर बदल गया है। अब यह एनडीए के बारे में बात कर रही है।

उन्होंने कहा कि ठाकरे राज्य में और पार्टी में सबसे लोकप्रिय नेता हैं। उनके नेतृत्व में पार्टी अपने दम पर महाराष्ट्र की सत्ता में लौटेगी। शिवसेना नेता ने कहा, ‘पार्टी प्रमुख कह चुके हैं कि हम अकेले चुनाव लड़ेंगे और सभी शिवसैनिकों को इस लक्ष्य की दिशा में काम करना चाहिए।’

शिवसेना ने आरोप लगाया कि बीजेपी की एक नीति है कि पहले वह अपने सहयोगियों का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करती है और बाद में उन्हें निकाल फेंकती है।

देसाई ने कहा, ‘गोवा में उन्होंने अपनी जड़ें जमाने के लिए महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) का उपयोग किया और महाराष्ट्र में उन्होंने शिवसेना की मदद से अपना आधार बढ़ाया, लेकिन शिवसेना एमजीपी नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘केवल शिवसेना ही नहीं, बल्कि पूरा देश भाजपा का अहंकार देख रहा है।’

बता दें कि शिवसेना ने इस साल जनवरी में घोषणा की थी कि आगामी लोकसभा चुनाव और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव पार्टी बीजेपी के साथ ‌मिलकर नहीं लड़ेगी और अकेले मैदान में उतरेगी।

महाराष्ट्र और केंद्र की बीजेपी की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार में शिवसेना शामिल है, लेकिन दोनों सरकारों की नीतियों और फैसलों की पार्टी अक्सर आलोचना करती रहती है।

ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *