अब बिटकॉइन के नाम पर लोगों को दो हज़ार करोड़ का चूना

पुणे। देश में एक और बड़े घोटाले का खुलसा हुआ है। बिटकॉइन के नाम पर हुए इस सनसनीखेज घोटाले में करीब आठ हज़ार लोगों को दो हज़ार करोड़ का चूना लगा है।

पुणे पुलिस ने घोटाले के मुख्य आरोपी कारोबारी अमित भारद्वाज को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है। अमित ने खुद का बिटकॉयन माइनिंग ऑपरेशन (बिटकॉयन हासिल करने की प्रक्रिया) शुरू किया था।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने भारत में वर्ष 2014 में पहला ऑनलाइन रिटेल मार्केटप्लेस खोला था। इसके मार्फत बिटकॉयन को स्वीकार किया जाता था। अमित का बिटकॉयन माइनिंग ऑपरेशन चीन (गेन बिटकॉयन) और हांगकांग (जीबी माइनर्स) जैसे देशों में भी चलता है। उसने हाल में ही एमकैप के नाम से नया बिटकॉयन लांच किया है।

अमित ने निवेशकों को योजनाबद्ध तरीके से चूना लगाया था। उसने बिटकॉयन खरीदने पर निवेशकों को ज्यादा रिटर्न देने का वादा किया था। अमित ने अपनी योजना के तहत एक बिटकॉयन पर 10 फीसद का रिटर्न देने का आश्वासन दिया था। यह बिटकॉयन कांट्रैक्ट 18 महीनों तक के लिए वैध था। दूसरी स्कीम के तहत उसने निवेशकों को बिटकॉयन माइनिंग का विकल्प दिया था, जिसके तहत लोग खुद का बिटकॉयन माइन कर सकते थे।

पुलिस का कहना है कि अमित ने निवेशकों को इसके बदले में कभी रिटर्न नहीं दिया और देश छोड़कर भाग गया। अमित भारद्वाज ने दिल्ली के शालीमार बाग से बिटकॉयन ऑपरेशन शुरू किया था। इसके बाद चीन और हांगकांग तक अपना नेटवर्क फैला लिया था।

मित के देश छोड़ने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मुंबई शाखा ने अमित के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था। अमित ने मुंबई, पुणे, नांदेड़, कोल्हापुर और महाराष्ट्र के अन्य शहरों के निवेशकों को चूना लगाया था।

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