अब इस मुद्दे पर मोदी सरकार को वापस खींचने पड़े कदम

नई दिल्ली। मोदी सरकार को एक बार फिर अपने फैसले पर कदम वापस खींचने पड़े हैं। इस बार मामला देश के सैनिको से जुड़ा है। सरकार ने सैनिकों के बच्चों की पढ़ाई पर दी जाने वाली रियायत को सीमित कर दिया था लेकिन इसके विरोध को देखते हुए सरकार ने अपने कदम वापस खींच लिए हैं।

रक्षा मंत्रालय ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। मंत्रालय ने लिखा, ‘सशस्त्र बलों के अधिकारियों, सामान्य जवानों (पीबीओआर), लापता, निशक्त या कर्तव्य का निर्वाह करते हुए जान गंवाने वाले जवानों के बच्चों की पढ़ाई को लेकर दी जाने वाली रियायत के लिए तय सीमा खत्म कर दी गई है।’ रक्षा मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी अभय सहाय ने इस बाबत बयान जारी कर फैसले की जानकारी दी है।

सरकार ने शैक्षिक रियायत को 10,000 रुपये तक सीमित कर दिया था। मंत्रालय की ओर से जारी बयान में छूट के प्राप्त करने की स्थिति भी स्पष्ट की गई है। इसमें कहा गया है, ‘सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों, शैक्षणिक संस्थानों और मिलिट्री या सैनिक स्कूलों में पढ़ाई करने की स्थिति में ही शैक्षिक रियायत दी जाएगी।’

इसके अलावा ‘केंद्र या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले जवानों के बच्चों को भी यह छूट मिलेगी। साथ ही केंद्र या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त ऑटोनोमस संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को भी यह सुविधा मिलेगी।’

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि वित्त मंत्रालय की मंजूरी के बाद रियायत की सीमा को खत्म करने का निर्णय लिया गया है। ट्वीटर पर रक्षा मंत्रालय का बयान आते ही लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं।

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