अगले महीने मिशन यूपी शुरू करेंगे राहुल, ताबड़तोड़ रैलियों से करेंगे आगाज

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में लोकसभा की सभी 80 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का एलान कर चुकी कांग्रेस में जान फूंकने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उत्तर प्रदेश में एक दर्जन से अधिक जन सभाओं को सम्बोधित करेंगे।

देश में आम चुनावो की आहट के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उत्तर में पार्टी के लिए ज़मीन तैयार करने के लिए पूरे प्रदेश का दौरा करेंगे और अहम जिलों में पार्टी के लिए सभाओं को सम्बोधित भी करेंगे।

हालाँकि पार्टी ने आधिकारिक तौर पर अभी तक कांग्रेस अध्यक्ष के उत्तर प्रदेश के कार्यक्रम को लेकर कोई घोषणा नहीं की है लेकिन पार्टी सूत्रों ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि अगले महीने राहुल गांधी उत्तर प्रदेश में ताबड़तोड़ रैलियां करके कांग्रेस में जोश फूंकेंगे।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक सपा बसपा गठबंधन के एलान के बाद अब कांग्रेस उत्तर प्रदेश के कुछ छोटे दलों के सम्पर्क में हैं। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अपनी रणनीति के मुताबिक छोटे क्षेत्रीय दलों को अपने साथ लेकर प्रदेश की कम से कम 50 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। वहीँ वह 30 सीटें सहयोगी दलों को दे सकती है।

सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस शिवपाल यादव की प्रोग्रेसिव समाजवादी पार्टी, पीस पार्टी, बहुजन क्रांति दल आदि के सम्पर्क में हैं और गठबंधन को लेकर जल्द कोई फॉर्मूला सामने आ सकता है।

सूत्रों ने कहा कि सपा बसपा के यादव मुस्लिम और दलित मतदाताओं के ध्रुवीकरण में पलीता लगाने के लिए कांग्रेस असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम), बहुजनक्रांति दल और प्रोग्रेसिव समाजवादी पार्टी को लेकर गठबंधन तैयार कर सकती है। इसमें चौधरी अजीत सिंह की राष्ट्रीय लोकदल को भी शामिल किया जा सकता है।

सूत्रों ने कहा कि गठबंधन होने की स्थति में कांग्रेस 40 से 50 सीटें अपने पास रख सकती हैं वहीँ शेष रही सीटें सहयोगी दलों को ऑफर कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के रणनीतिकार मानते हैं कि राज्य में पार्टी अपने बूते 10 सीटें तक जीत सकती है और यदि वह छोटे दलों के साथ गठबंधन करने में कामयाब रहती है तो उसको कम से कम पांच सीटें और मिल सकती हैं और उत्त्तर प्रदेश में उसके सांसदों की संख्या दो से बढ़कर 15 तक पहुँच सकती है।

फ़िलहाल देखना है कि उत्तर प्रदेश में अगले महीने शुरू होने वाली कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की रैलियों से पहले पार्टी गठबंधन करने में कामयाब रहती है अथवा नहीं। अभी जो ख़बरें आ रही हैं, उससे लगता है कि कांग्रेस ने गठबंधन को लेकर काम शुरू कर दिया है और कांग्रेस के कुछ नेताओं को बातचीत की ज़िम्मेदारी दे दी गयी है।

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