अगर सीटों पर नहीं बनी बात तो एनडीए से किनारा कर सकते हैं नीतीश

नई दिल्ली। वर्ष 2019 में होने वाले आम चुनावो में सीटों के बंटवारे को लेकर बीजेपी और जनता दल यूनाइटेड के बीच पेंच फंसा है। नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड बीजेपी पर 25 सीटें देने के लिए दबाव बना रही है।

वहीँ खबर है कि जदयू ने बीजेपी को साफ़ साफ़ बता दिया है कि मन मुताबिक सीटें न मिलने पर जनता दल यूनाइटेड एनडीए से रिश्ता तोड सकता है।

लोकसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर जदयू नेता और सीएम नीतीश कुमार ने पार्टी की बैठक बुलाकर अपने सहयोगियों से विचार विमर्श किया। खास बात यह है कि इस बैठक में नीतीश कुमार के रणनीतिकार प्रशांत किशोर भी मौजूद थे। ज़ाहिर है एक एक सीट को लेकर चर्चा भी हुई होगी।

बैठक सम्पन्न होने के बाद जेडीयू के नेता के सी त्यागी ने कहा कि बिहार में जेडीयू बीजेपी का बड़ा भाई है, इसलिए भूमिका भी बड़े भाई की होगी। वहीँ बीजेपी सूत्रों की माने तो बीजेपी जदयू को बड़ी तादाद में सीटें देने को तैयार नहीं हैं।

सूत्रों के मुताबिक बीजेपी का तर्क है कि 2014 में बिहार की 40 सीटों में से उसने 31 सीटें जीती थीं। फिर किस आधार पर जदयू को 25 सीटें दी जाएँ। वहीँ सूत्रों की माने तो नीतीश कुमार अपने रणनीतिकार प्रशांत किशोर से बीजेपी के साथ मिलकर और अकेले दम पर चुनाव लड़ने की स्थति में होने वाले नफा नुकसान का जायजा ले चुके हैं।

फ़िलहाल यह माना जा रहा है कि बीजेपी किसी भी हाल में जदयू को 25 सीटें देने को तैयार नहीं हैं। बीजेपी सूत्रों की माने तो बिहार में उसके सहयोगी लोकजन शक्ति पार्टी तथा उपेंद्र कुशवाह की पार्टी के लिए भी उसे सीटें छोड़नी हैं। यदि 25 सीटें अकेले नीतीश की पार्टी को दे दी गयीं तो शेष रही 15 सीटों में भी दो अन्य सहयोगी दलों को सीटें किस प्रकार दी जाएँगी।

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