अखिलेश- माया करेंगे संयुक्त रैली, मैनपुरी में रैली की खबर से मुलायम नाराज़

लखनऊ। लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र समाजवादी पार्टी और बसपा प्रदेश की कई लोकसभा सीटों पर संयुक्त रैलियों का आयोजन करेंगे। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती की संयुक्त रैली के मैनपुरी में आयोजन की खबर से सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव नाराज़ बताये जाते हैं।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी के मुताबिक सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव, बीएसपी मुखिया मायावती और आरएलडी प्रमुख चौधरी अजित सिंह की संयुक्त रैलियों का सिलसिला 7 अप्रैल से शुरू होकर 16 मई तक चलेगा। इस दौरान तीनों दलों के शीर्ष नेता 11 रैलियां करेंगे।प्रचार सामग्री तथा झंडे में इन दलों के नेताओं के चित्र तथा चुनाव चिह्न संयुक्त रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि पहली रैली 7 अप्रैल को देवबंद में होगी. इस संयुक्त रैली में सहारनपुर, कैराना, बिजनौर और मुजफ्फरनगर संसदीय क्षेत्र के कार्यकर्ता शामिल होंगे. जबकि 13 अप्रैल की रैली बदायूं लोकसभा क्षेत्र में होगी।

चौधरी ने बताया कि 16 अप्रैल आगरा में होने वाली रैली में आगरा, फतेहपुर सीकरी तथा मथुरा लोकसभा क्षेत्रों के तीनों दलों के कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे। तीसरी संयुक्त रैली 19 अप्रैल को मैनपुरी संसदीय क्षेत्र में होगी।

मैनपुरी से एसपी ने पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव को टिकट दिया है. चर्चा है कि इस रैली में मुलायम भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एसपी प्रवक्ता ने बताया कि 20 अप्रैल को रामपुर में आयोजित संयुक्त रैली में मुरादाबाद, रामपुर और सम्भल लोकसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे। इसी दिन एक रैली फिरोजाबाद में भी होगी।

उन्होंने बताया कि कन्नौज संसदीय क्षेत्र में गठबंधन की संयुक्त रैली 25 अप्रैल को होगी जबकि एक मई को फैजाबाद में होने वाली संयुक्त रैली में बाराबंकी, फैजाबाद तथा बहराइच लोकसभा क्षेत्र के कार्यकर्ता शामिल होंगे। इसके अलावा आठ मई को आजमगढ़ में होने वाली रैली में आजमगढ़ और लालगंज लोकसभा क्षेत्र के कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे।

चौधरी ने कहा कि 13 मई को गोरखपुर, महाराजगंज और कुशीनगर लोकसभा सीटों के लिए संयुक्त रूप से एक रैली गोरखपुर में होगी। गठबंधन की अंतिम रैली 16 मई को वाराणसी में होगी। यह रैली संयुक्त रूप से वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर और राबर्ट्सगंज लोकसभा सीटों के लिए होगी।

वहीँ कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि मैनपुरी में अखिलेश यादव द्वारा बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ मिलकर की जाने वाली रैली से मुलायम नाराज़ हैं। 1993 के बाद ऐसा पहली बार होगा जब बसपा-सपा के नेता साझा रैली करेंगे। इससे पहले 1993 में कांशीराम और मुलायम सिंह यादव ने साथ में रैलियां की थी।

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