अकबर के बिना भारत के महान लोगों की सूची पूरी नहीं होती: जावेद अख्तर

नई दिल्ली। जाने माने गीतकार जावेद अख्तर ने शनिवार को टीपू सुल्तान और अकबर की आलोचना करने वाले नेताओं को आड़े हाथो लेते हुए कहा कि खुद को देश से बड़ा समझने वाले राजनेता गलत हैं और उन्हें पता होना चाहिए कि उन्होंने देश को नहीं बनाया, बल्कि जनता ने बनाया है।

साहित्य आज तक कार्यक्रम में जावेद अख्तर ने कहा कि कुछ लोगों ने राष्ट्रवाद की व्याख्या गलत तरीके से की है। उन्होंने कहा, कुछ लोगों के लिए राष्ट्रवाद की व्याख्या बिल्कुल अजीब है।

उन्हें लगता है कि वे ही राष्ट्र हैं. यदि आप उनका विरोध करते हैं, तो आप राष्ट्र-द्रोही हो जायेंगे। अख्तर ने कहा, ये राजनेता कटाई वाली फसल की तरह हैं. फसल बदलती है, तो वे भी बदल जाते हैं। वे यहां हमेशा के लिए नहीं रहते. राष्ट्र किसी भी राजनीतिक दल और राजनेता से बड़ा है. कोई भी राजनेता, अगर यह सोचता है कि वह राष्ट्र है, तो वह गलत है।

उल्लेखनीय है कि अख्तर ने पिछले साल लुटियन की दिल्ली में अकबर रोड का नाम बदल कर महाराणा प्रताप रोड करने पर केंद्रीय मंत्री वी के सिंह की आलोचना की थी।

जावेद अख्तर ने कहा था कि देश में अनेक महान नेता हुए हैं और मुगल शासक अकबर उनमें से एक थे। उन्होंने कहा कि देश में अनेक महान लोग हुए हैं और यदि आप उनकी सूची बनायेंगे, तो वह अकबर के बगैर पूरी नहीं होगी। उन्होंने कहा, वह एक विशाल व्यक्तित्व वाले ऐसे नेता थे जिनकी दूरदृष्टि लाजवाब थी।

करीब चार सौ साल पहले, जब यूरोप में भी धर्मनिरपेक्षता जैसा कोई शब्द नहीं सुना गया था, तब यहां देश में एक ऐसा व्यक्ति था, जो केवल धर्मनिरपेक्ष ही नहीं था, बल्कि वह धर्मनिरपेक्षता के दर्शन और उसके सिद्धांत को भी समझता था।

वह इस पर काम कर रहा था. अख्तर ने कहा कि कट्टरपंथियों और दूसरे मजहब के लोगों द्वारा हमेशा अकबर जैसे धर्मनिरपेक्ष मुसलमान की आलोचना की गयी। उन्होंने कहा, यह बहुत दुखद है कि एक धर्मनिरपेक्ष मुसलमान को हमेशा कट्टरपंथी लोगों और दूसरे मजहब के लोगों की आलोचना का शिकार होना पड़ा।

उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा, यह बहुत ही दुखद बात है कि किसी भी मुसलमान को भारतीय के तौर पर नहीं जाना जाता। टीपू सुल्तान भारतीय नहीं था और यदि मैं इस विचार से सहमत नहीं हूं, तो मैं राष्ट्रद्रोही बन जाऊंगा. ….. तो मैं राष्ट्रद्रोही हूं। उन्होंने कहा कि अकबर एक भारतीय था, क्योंकि वह यहां पैदा हुआ और देश को समृद्ध बनाने में योगदान देते हुए यहीं उसकी जान गयी।

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