अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट में भारत की बड़ी जीत, कुलभूषण जाधव की फांसी पर लगी रोक

नई दिल्ली। कुलभूषण जाधव को लेकर अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट में भारत की बड़ी जीत हुई है। कोर्ट ने न सिर्फ कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक लगा दी है बल्कि कुलभूषण जाधव को काउंसलर एक्सेस दिया जाने का फैसला सुनाया है।

इतना ही नहीं कोर्ट ने कुलभूषण जाधव को दोषी ठहराये जाने और उन्हें सुनाई गई सजा की प्रभावी समीक्षा करने और उस पर पुनर्विचार करने का आदेश भी दिया है।

अंतर्राष्ट्रीय अदालत के अध्यक्ष जज अब्दुलकावी अहमद यूसुफ की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि पाकिस्तान को वियना समझौते के तहत जाधव की गिरफ्तारी और उसे हिरासत में रखने के बारे में भारत करना चाहिए था।

पीठ ने कहा कि भारत को तीन मार्च, 2016 को जाधव की गिरफ्तारी के बारे में सूचित करने में तीन सप्ताह की देरी हुई और इस तरह समझौते के तहत पाकिस्तान की बाध्यता को तोड़ा गया।

पीठ ने कहा कि जाधव की फांसी की सजा पर तबतक रोक रहेगी जब तक पाकिस्तान प्रभावी तौर पर इस पर पुनर्विचार नहीं करता। अदालत ने कहा कि वियना समझौते को तोड़ते हुए पाकिस्तान ने जाधव तक कांसुलर एक्सेस रोककर भारत के अधिकार का हनन किया है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत द्वारा जाधव को मौत की सजा सुनाने जाने के मामले को भारत ने आईसीजे में चुनौती दी थी। पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में बंद कमरे में सुनवाई के बाद कथित तौर पर जासूसी और आतंकवाद के आरोपों में भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव (49) को मौत की सजा सुनाई थी। उनकी सजा पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी और मामले को आईसीजे में ले गया था।

इससे पिछली सुनवाई में भारत ने आईसीजे से जाधव की मौत की सज़ा को रद्द करने तथा उनकी तुरंत रिहाई का आदेश देने का अनुरोध किया था। आज कोर्ट के फैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ख़ुशी व्यक्त की है।

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