अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने आदित्यनाथ के एंटी रोमियो स्क्वाड को बताया तालिबानी

नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के निर्देश पर यूपी पुलिस द्वारा शुरू किये गए एंटी रोमियो स्क्वाड की अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने आलोचना करते हुए इसकी तालिबानी शासन से तुलना की है। विदेशी मीडिया ने एंटीरोमियो स्क्वाड द्वारा की जा रही कार्यवाही को लोगों की आज़ादी पर प्रतिबन्ध लगाने जैसा करार दिया है।

ब्रिटिश अखबार द टेलिग्राफ के मुताबिक योगी आदित्य नाथ ने सीएम बनते ही बिगड़ैल किस्म के लोगों को काबू में करने के लिए एंटी रोमियो स्क्वैड का गठन कर दिया है, और इसे दूसरे राज्यों में भी लागू किया जा रहा है। अखबार आगे लिखता है कि इस दल को कई लोगों ने तालिबान जैसा मोरल पुलिसिंग करने वाला करार दिया है। द टेलिग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक हथकंडा करार दिया है।

अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट ने लिखा कि योगी आदित्य नाथ ने सत्ता संभालते ही दो फैसलों से अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। सीएम ने सबसे अवैध कत्लखाने बंद करा दिये और मनचलों पर कार्रवाई के लिए एंटी रोमियो दल का गठन कर दिया। अखबार के मुताबिक कई लोग इसे मोरल पुलिसिंग करार दे रहे हैं।

ब्रिटेन के अखबार द डेली एक्सप्रेस के मुताबिक एंटी रोमियो स्क्वैड ने उन परिवारों में खलबली मचा दी है, जिनके बच्चे एंटी रोमियो स्क्वैड द्वारा पकड़े जाते हैं। इन परिवारों मानना है कि सरकार उनके बच्चों को निशाना बना रही है। ये अखबार उस रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहा था जिसमें एक महिला पुलिस अधिकारी छेड़खानी के आरोपी शख्स को पीट रही होती है।

द गार्जियन ने अपने कॉलम में लिखा है, ‘यूपी के शहरों की गलियों में पिछले सप्ताह पुलिस की कई टुकड़ियां उतर आईं हैं और उन लोगों को निशाना बनाती है जो छेड़खानी करते हैं। अखबार के मुताबिक गोहत्या पर प्रतिबंध और शहर में मनचलों की हरकतों पर रोक लगाना बीजेपी के चुनाव एजेंडे में शामिल था। अखबार लिखता है कि भारत के कुछ शहरों में छेड़खानी की घटनाएं आम हैं, लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि एंटी रोमियो दल सिर्फ धर्म विशेष के लोगों को निशाना बना रही है।

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